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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में पेट के नीचे होता है दरà¥à¤¦, तो घबराने की बजाय तà¥à¤°à¤‚त करें ये काम
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ सामानà¥à¤¯ हैं। पर यह परिवरà¥à¤¤à¤¨ कà¤à¥€-कà¤à¥€ दरà¥à¤¦ में बदल जाते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ से लेकर बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में पेन तक à¤à¤• समान समसà¥à¤¯à¤¾ देखी गई है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में पेट के नीचे होता है दरà¥à¤¦, तो घबराने की बजाय तà¥à¤°à¤‚त करें ये काम
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान à¤à¤• महिला के शरीर में बहà¥à¤¤ सारे परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। कई बार उनके कà¥à¤› अंगों में à¤à¥€ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन à¤à¤• कॉमन समसà¥à¤¯à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में ही देखा गया है। आज हम बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन के बारे में बात करेंगे और उनसे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ उपाय à¤à¥€ देखेंगे।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण किडनी का आकार बढ़ने लगता है। जिससे यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ने लगती है। इसी वजह से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° à¤à¥€ फैलने लगता है। जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¤¾ अंदर बढ़ते जाता है किडनी, बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° जैसे अंगों पर दबाव बढ़ता जाता है। यही कारण है कि कà¥à¤› महिलाओं में बढ़ती पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के साथ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन की समसà¥à¤¯à¤¾ देखी गई है।
​फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले 3 महीनों में कà¥à¤› महिलाओं में यूरिन और टॉयलेट के बीच अंतराल घट जाता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार टॉयलेट के लिठजाना पड़ता है। फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के साथ ही यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ शरीर में बढ़ती है, जिससे बार-बार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यूरिन के लिठà¤à¥€ जाना पड़ता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किडनी में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बढ़ जाता है।
सेकंड टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में शरीर में परिवरà¥à¤¤à¤¨ कम होते हैं और शरीर थोड़ा रिलैकà¥à¤¸ रहता है। यूरिन का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कम हो जाता है। लेकिन फिर à¤à¥€ आप थोड़ा बहà¥à¤¤ दबाव बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में पड़ने के कारण बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन महसूस कर सकती हैं। लेकिन यह पहले से कम रहता है।
थरà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में पहले फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° की तरह ही होता है। इसमें à¤à¥€ शरीर में बहà¥à¤¤ से परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं और पहले 3 माह की तरह ही इसमें à¤à¥€ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पड़ता है जिससे बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन बढ़ जाता है।
​बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन के कà¥à¤› कारण
यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाने से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने से बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ बढ़ जाती है जिससे यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ अपने आप बढ़ने लगती है।
यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जानाः यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाने से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने से बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ बढ़ जाती है जिससे यूरिन की मातà¥à¤°à¤¾ अपने आप बढ़ने लगती है।
सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर 50% जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¤¡ को सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करता है। जिससे किडनी पर दबाव बढ़ने लगता है। और इसी वजह से à¤à¥€ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन महसूस होता है।
जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¤¾ बढ़ते जाता है, समय बीतते जाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार à¤à¥€ बढ़ता जाता है। जो बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में दबाव बनाता है। इस वजह से à¤à¥€ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन महसूस होता है।
यूटीआई
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ की वजह से यूरिन टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ देखा गया है। यह पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के किसी à¤à¥€ माह में हो सकता है। अधिकतर 6 हफà¥à¤¤à¥‡ से लेकर 24 हफà¥à¤¤à¥‡ तक यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखा गया है। यूटीआई से à¤à¥€ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में दबाव पड़ता है जिससे बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन बढ़ जाता है। यूरिन टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ E Coli बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण à¤à¥€ होता है।
इसके अलावा यूरिनरी सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¸à¥€à¤¸ यूरिन का रà¥à¤• जाना, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की à¤à¤• और समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसमें यूरिन बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में रà¥à¤• जाता है, जिससे बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर दबाव बनता है और बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में पेन होने लगता है। यूरिन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¥€à¤¸ को आप पीवीआर के जरिठचेक करवा सकते हैं। यह फीजिकल à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ है, जिसके जरिठआप ये पता लगा सकते हैं कि आपको यूरिनरी सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¸à¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ है या नहीं।
सामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन को कैसे कम किया जा सकता है
वैसे पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठआपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ कर लेना चाहिà¤à¥¤ फिर à¤à¥€ अगर बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन सामानà¥à¤¯ हो तो आप इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर इसे दूर कर सकते हैं।
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन की समसà¥à¤¯à¤¾ यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में यूरिन के रà¥à¤• जाने से होती है। यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में यूरिन ना रà¥à¤•े, इसके लिठआपको कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा।
आपको कॉफी, चाय, सोडा जैसी चीजों से दूर रहना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे यूरिन पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है। पानी à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚। इससे आप डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बच सकते हैं और आपका यूरिन साफ रहेगा, जिससे यूटीआई से à¤à¥€ बचा जा सकता है। यूरिन के लिठजाते वकà¥à¤¤ इस बात का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपका बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पूरी तरह से खाली हो जाà¤à¥¤ अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं हो रहा है तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करें।
​अनà¥à¤¯ दवाइयां
अगर बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में पेन यूरिनरी सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¸à¤¿à¤¸ या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से हो रहा है तो आपको इसके लिठदवाइयां लेने की जरूरत होगी। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही समय पर ठीक नहीं किया जाà¤à¤—ा, तो à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ फिर लगातार बढ़ती जाà¤à¤—ी । दवाइयों के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ले सकते हैं।
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पेन कà¤à¥€-कà¤à¥€ सामानà¥à¤¯ होता है, जिसे आप थोड़ा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ लगातार बढ़ती जा रही है और आप से बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ नहीं हो रहा है, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
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